Wednesday, 16 November 2016

चलो आज फिर एक दांव खेलते हैं....
तुम सितम रखो बदले में हम दिल रखते हैं|
अगर हार भी गया बाज़ी तो कोई ग़म नहीं...
तुम हमारा दिल रख लो, हम तुम्हारा सितम रख लेते हैं|