सामाजिक आईना
Tuesday, 29 September 2015
कुछ इस पहर कुछ उस पहर
संघर्ष पथ पर मैं चला लेकर सपनों का शहर,
मुश्किलें आई डगर पर कुछ इस पहर कुछ उस पहर........
( कल पढ़े पूरी कविता )
1 comment:
Unknown
4 February 2016 at 10:08
बहुत खूब यारा
Reply
Delete
Replies
Reply
Add comment
Load more...
Newer Post
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
बहुत खूब यारा
ReplyDelete